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खुजली (scabies) क्या है?, इसके कारण, लक्षण और इसका आयुर्वेदिक उपचार, बचाव तथा सावधानियां:

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आज हम इस ब्लॉग पोस्ट में आपको खुजली (scabies) क्या है?, इसके कारण, लक्षण और इसका आयुर्वेदिक उपचार, बचाव तथा सावधानियों के संबध में जानकारी देने का प्रयास करेंगे। तो चलिए जानते है कि खुजली क्या है?

आयुर्वेद में खुजली को “कण्डु” या “त्वचा शोध” कहा जाता है।  यह एक त्वचा संबंधी विकार है, जिसमें त्वचा पर खुजलाहट और चिड़चिड़ाहट का अनुभव होता है। शरीर में खुजली होने का मुख्य कारण त्वचा में अधिकतर रक्त और पित्त के कारण होती है। खुजली एक सामान्य त्वचा विकार है, जो खासकर गर्मियों में देखने को मिलती है। खुजली अक्सर पित्त प्रधान व्यक्तियों में देखने को मिलती है। जिन व्यक्तियों का शरीर पित्त प्रधान होता है। उन व्यक्तियों में खुजली की  एक आम समस्या होती है। आयुर्वेद में कण्डु या खुजली को विभिन्न रूपों में वर्गीकृत किया जाता है, जो व्यक्ति के दोष प्रकृति और शरीर की स्थिति के आधार पर अलग-अलग होते हैं। आयुर्वेद खुजली को त्वचा शोध, खुजली, खुजलान, चर्मकंडु, विचर्मकंडु, लागवंतय, श्वेतकुष्ठ, श्वित्र, खुजलित, खुजलित-रुजित, चर्मखंडु, खुजलित-कंडुक, विचर्म, शीतकंडु, मधुकंडु आदि नामों से जाना जाता है। खुजली के लिए आयुर्वेद में कई औषधियां और उपचार हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने और खुजली से राहत प्रदान करने में मदद करते हैं। इनमें नीम, गुडूची, आमलकी, नीम का तेल, ट्रिफला चूर्ण, जलकुंड, हरिद्रा, श्वेत चंदन, अरग्वध, शतावरी, शिरीष, नीलगिरि, कुटकी, मन्जिष्ठा, सर्षप, दालचीनी, खुस, जलोचन, लोध्र, और विदंग जैसी जड़ी-बूटियां शामिल होती हैं। इन उपायों को अपनाकर आप खुजली से राहत पा सकते हैं और त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बन सकते हैं।

                  खुजली को मेडिकल भाषा में  “प्रुराइटस” कहा जाता है। विज्ञान के अनुसार खुजली होने के कई कारण बताए गए है जैसे- ड्राई स्किन, प्रेगनेंसी,एलर्जी और कुछ अन्य विकारों (स्किन या लिवर डिजीज) के कारण भी खुजली हो सकती है। आजकल खुजली की समस्या वयस्क और वृद्ध व्यक्तियों में आम समस्या बन चुकी है। इसके पीछे को वजह बढ़ती उम्र के साथ त्वचा (स्किन) स्वाभाविक रूप से सुखी (ड्राई) होती चली जाती है। खुजली होने पर हमारी त्वचा सामान्य रूप में दिखाई दे सकती है या लाल या फिर खुरदरापन के साथ उसमें दाने या छाले हो सकते है। हम खुजली में इलाज हेतु मॉइस्चराइजर, एंटी-खुजली क्रीम या लोशन और शीतल पानी से स्नान या नहाने से खुजली में राहत मिल सकती है। हालांकि खुजली के संपूर्ण उपचार हेतु खुजली की दवाएं, गीली ड्रेसिंग और लाइट थेरेपी (फोटोथेरपी) की जरूरत है।

खुजली (scabies) के कारण:

खुजली (scabies) होने के  पीछे कई कारण हो सकते हैं, और यह लंबे समय तक चलने वाली समस्या बन सकती है। खुजली के निम्नलिखित कारण हैं:

• त्वचा (स्किन) में सूखापन: त्वचा (स्किन) में नमी की कमी या रूखापन होने से भी खुजली हो सकती है। त्वचा (स्किन) में ड्राइनेस होने के कारण शरीर के  कई हिस्सों में खुजली होना या त्वचा के फटने जैसी समस्या हो  सकती है।

• एलर्जी होना: किसी खाद्य पदार्थ, धूल या पॉलिस्टर के कपड़े, कवक, प्रदूषित पानी, तेज धूप, तेज गर्मी या वायु प्रदूषण के कारण भी खुजली  हो सकती है।

• फंगल इन्फेक्शन: फंगल इंफेक्शन के कारण त्वचा पर खुजली या दाद, खाज, लालिमा और खुजली की समस्या पैदा हो जाती है।

• उमस भरी गर्मी: उमस भरी गर्मियों में अधिक पसीना आने के कारण त्वचा में इंफेक्शन हो जाता है। जिसके कारण त्वचा में खुजली होने लगती है।

• केमिकल का प्रयोग: फैक्ट्री या अन्य स्थानों पर बिना सेफ्टी के अपने हाथों से प्रयोग किया गया केमिकल आदि के द्वारा  भी खुजली होने की संभावना बढ़ जाती है।  

• साबुन या शैम्प का इस्तेमाल: संक्रमित साबुन या शैम्पू आदि से नहाने या कपड़े धोने के दौरान प्रयोग किया गया साबुन या शैम्पू के त्वचा पर इस्तेमाल करने से संक्रमण या खुजली हो सकती है।

• त्वचा पर प्रयोग हुए रासायनिक पदार्थ: त्वचा को साबुन, शैम्पू, लोशन, दवाएं या प्रयोग गए स्किन केयर प्रोडक्ट्स में पाए जाने वाले रासायनिक तत्व भी खुजली का कारण बन सकते हैं।

• रंग बनाने वाली चीजें: रंग बनाने वाली चीजों में पाए जाने वाले केमिकल भी खुजली के कारण बन सकते हैं।

खुजली (scabies) के लक्षण क्या है?

खुजली एक सामान्य बीमारी है, इसको लक्षणों के माध्यम से इसको पहचानकर इसका उपचार किया जाना संभव है। खुजली के मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:

• त्वचा में खुजलाहट और खरोंचने को महसूस करना।

• खुजली के स्थान पर त्वचा का रंग का बदलना।

• खुजली की जगह पर चकत्ते या दाग बनना।

• त्वचा में सूजन या दर्द को अनुभव करना।

• खुजली से पीड़ित स्थान को खुजाने या रगड़ने से आराम पाने की कोशिश करना।

• त्वचा पर खुजली से खरोंच और छिद्रों का पनापना।

• खुजली के स्थान पर त्वचा फटना या सूजन होना।

• त्वचा में ड्रायनेस और तैलीयता का अनुभव करना।

• खुजली से बचने के लिए उस स्थान को नाखूनों से रगड़ने या खरोंचने की कोशिश करना।

• रात में खुजली की वजह से नींद न आना।

• त्वचा में खुजली होने से उत्तेजना महसूस होना और व्यवहार में परिवर्तन आना। 

• खुजली के स्थान पर चकत्तों या गांठे विकसित होना।

• खुजली के स्थान पर त्वचा के फटने से खून निकलना।

• त्वचा में खुजली वाले स्थान पर गर्महट या जलन महसूस होना।

• खुजली से बचने के लिए अधिकतर समय त्वचा को खरोंचने, रगड़ने और खुजलाने का मन करते रहना।

• हर समय त्वचा में मीठी मीठी खुजली होते रहना।

खुजली विभिन्न कारणों से हो सकती है और इसके लक्षण व्यक्ति के स्वास्थ्य, त्वचा के प्रकृति और अन्य फैक्टर्स पर निर्भर करते हैं। यदि आपको खुजली के लक्षण महसूस होते हैं और वे लंबे समय तक बने रहते हैं, तो आपको एक पेशेवर चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। चिकित्सक आपके स्वास्थ्य का निश्चित निदान करेंगे और उचित उपचार सुझाएंगे।

खुजली (scabies) के आयुर्वेदिक उपचार क्या है:

खुजली के लक्षणों में त्वचा में खुजलाहट, त्वचा पर लाल दाग और दाने, त्वचा का रंग बदलना, त्वचा में सूखापन, और त्वचा में दर्द शामिल हो सकते हैं। खुजली के आयुर्वेदिक उपचार के लिए कुछ प्राकृतिक और घरेलू उपाय है जो आपकी सहायता कर सकते हैं। यहां कुछ प्रमुख आयुर्वेदिक उपचार दिए गए हैं:

• नीम: नीम के पत्तों और नीम के तेल का प्रयोग खुजली के लाभदायक होता है। नीम में पाए जाने वाले एंटीबैक्टीरियल गुण खुजली, एलर्जी को कम कर सकते हैं और त्वचा को राहत दे सकते हैं।

• तुलसी: तुलसी के पत्तों को पीसकर त्वचा पर लगाने से भी खुजली में राहत मिल सकती है। तुलसी में विशेष रूप से एंटी-इन्फेक्शन और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

• शहद: शहद में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इन्फेक्शन गुण होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

• केले का चिलका: केले के छिलके को पीसकर त्वचा पर लगाने से भी खुजली में आराम मिल सकता है।

• सरसों का तेल: सरसों के तेल में विशेष रूप से एंटी-इन्फेक्शन गुण होते हैं जो त्वचा के इंफेक्शन को दूर कर सकते हैं।

•  घी: घी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा के इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं।

• बेर के पत्ते पत्ते: बेर के पत्ते को पीसकर त्वचा पर लगाने से खुजली में आराम मिलता है।

• लौंग: लौंग को पीसकर शहद में मिलाकर त्वचा पर लगाने से खुजली में आराम मिल सकता है।

• पानी: खुजली की समस्या होने कर प्रतिदिन भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें। 

• सौंफ से बनी चाय:  सौंफ से बनी चाय पीने से खुजली में आराम मिलता है।

• विटामिन सी: विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

• कब्ज होने बचे: कब्ज होने पर व्यक्ति के पेट में कीड़े पैदा होने के चांस होते है। इससे व्यक्ति को खुजली जैसी परेशानी बन सकती है। 

• शरीर को सफाई: व्यक्ति को नियमित रूप से अपने शरीर को सफाई करनी चाहिए। 

• प्रदूषण से बचाव करें: कभी कभी व्यक्ति को दिल्ली जैसे प्रदूषण के कारण भी खुजली और इंफेक्शन की समस्या हो जाती है। 

• तेज धूप और धूल से बचाव करें: व्यक्ति को अधिक तेज धूप और धूल से बचाव करना चाहिए। 

• एंटी जर्म तत्वो का प्रयोग:  व्यक्ति को  खुजली के दौरान डॉक्टर के अनुसार बताए एंटी जर्म साबुन शैम्पू या इसमें प्रयुक्त तरल पदार्थ, क्रीम, लोशन आदि का प्रयोग करना चाहिए। 

• नियमित नहाना: दिन में दो बार नियमित नहाने से त्वचा की साफ़ सफाई होती है और खुजली के कारणों को दूर करने में मदद मिलती है।

• नमी रखें: त्वचा को नमीदार बनाने के लिए दिन में कम से कम दो बार मूल्यांकन के लिए नमीदार योगासनों का अभ्यास करें।

• ताजा त्वचा के लिए अर्धमासूर्यनमस्कार (Half Surya Namaskar): इस आसन को अधिकाधिक बार भी कर सकते हैं।

• नींबू: त्वचा पर नींबू के रस का लगाना खुजली को दूर करने में मदद कर सकता है।

• मलाई (Malai): मलाई को त्वचा पर लगाकर खुजली से राहत मिल सकती है। मलाई में त्वचा को स्तरीकरण करने वाले गुण होते हैं, जो खुजली को दूर करने में मदद करते हैं।

• अलोवेरा (Aloe Vera): अलोवेरा के रस को खुजली वाले स्थान पर लगाने से खुजली से राहत मिल सकती है। अलोवेरा में त्वचा को स्वस्थ रखने वाले गुण होते हैं जो खुजली को दूर करते हैं।

• सरसों का तेल (Mustard Oil): सरसों के तेल को खुजली वाले स्थान पर लगाने से खुजली से राहत मिल सकती है। सरसों के तेल में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

• नींबू पानी (Lemon Water): नींबू के रस को पानी में मिलाकर पीने से त्वचा को स्वच्छ रखने में मदद मिल सकती है। नींबू में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

• दही (Yogurt): दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो त्वचा की स्वस्थता को बढ़ाते हैं और खुजली से राहत प्रदान करते हैं। दही को खुजली वाले स्थान पर लगाकर रखने से खुजली से राहत मिल सकती है।

• शीतल पानी: शीतल पानी से त्वचा को ठंडा करके खुजली से राहत मिल सकती है। गर्मी में यह खुजली की जलन को कम करता है और त्वचा को शीतलता प्रदान करता है।

• तुलसी (Holy Basil) और नीम (Neem) का पेस्ट: तुलसी और नीम की पत्तियों को पीसकर इसका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को खुजली वाले स्थान पर लगाकर रखें और कुछ समय बाद धो लें। तुलसी और नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो खुजली को दूर करने में मदद करते हैं।

• नारियल तेल (Coconut Oil): नारियल तेल को त्वचा पर लगाकर रखने से खुजली से राहत मिल सकती है। नारियल तेल में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

• पुदीना (Mint Leaves): पुदीने के पत्ते को पीसकर इसका पेस्ट बना लें और इसे खुजली वाले स्थान पर लगाएं। पुदीना में ठंडक और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा को शीतलता देते हैं और खुजली से राहत प्रदान करते हैं।

• नीम और हल्दी (Turmeric) का पेस्ट: नीम और हल्दी के पाउडर को पानी में मिलाकर इसका पेस्ट बना लें और इसे खुजली वाले स्थान पर लगाएं। इससे खुजली से राहत मिलेगी और त्वचा को स्वस्थता और चमक भी मिलेगी।

• सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar): सेब के सिरके को नीबू पानी के साथ मिलाकर त्वचा पर लगाने से खुजली से राहत मिल सकती है। सेब के सिरके में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

• जैतून का तेल (Olive Oil): जैतून के तेल को खुजली वाले स्थान पर लगाने से खुजली से राहत मिलेगी। जैतून के तेल में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

हम उपरोक्त आसान घरेलू उपायों को अपनाकर खुजली की बीमारी से निजात पा सकते हैं। यदि खुजली बहुत ज्यादा हो या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना अच्छा होगा। आयुर्वेदिक चिकित्सा भी खुजली के उपचार में सहायक हो सकती है।

खुजली (scabies) से बचाव और सावधानियां:

हम खुजली की बीमारी को होने से पहले ही रोक सकते हैं, इसके लिए हम बचाव और सावधानियों को अपना सकते हैं। खुजली से बचाव और सावधानियां निम्नलिखित हैं:

• साफ और सूखी त्वचा: त्वचा को साफ और सूखी रखने का प्रयास करें। भीगे कपड़ों से त्वचा को पोंछेंते रहें।

• विशेष ध्यान रखें: विशेष ध्यान रखें कि कोई भी त्वचा संक्रमण न हो जाए, और त्वचा में खुजली होने पर इसे तुरंत ठीक करें।

• पहनावा: धूप में बाहर जाते समय धूप के प्रभाव से त्वचा को बचाएं और उच्च गुणवत्ता के कपड़े पहनें।

• सही खानपान: अपने आहार में फल, सब्जियां, और पानी की मात्रा को बढ़ाएं और मिठाई, मसालेदार और तली हुई चीजें कम करें।

• ताजा पानी: रोजाना ताजा पानी  पिए, ताकि शरीर में  विषाक्त पदार्थ बाहर निकल सकें।

• व्यायाम: नियमित व्यायाम करें, जिससे शरीर की ऊर्जा बढ़े और त्वचा स्वस्थ रहे।

• स्थान को बदलें: एक ही स्थान पर बैठे रहने से खुजली का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए अपनी बैठक के स्थान को समय-समय पर बदलें।

• बचाव के उपाय: खुजली होने पर त्वचा को खुजलने से बचाएं और इसे ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे और औषधियों का प्रयोग करें।

• डॉक्टर से परामर्श: यदि खुजली लंबे समय तक बनी रहती है और आपको कोई लाभ नहीं मिलता है, तो डॉक्टर से परामर्श करें।

• संयमित दवाएं: यदि आपको खुजली की समस्या है, तो आप अपने चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाओं का उपयोग करें और उनका समयनुसार सेवन  करें।

• खास तरह के साबुन: त्वचा को साबुन से धोने से पहले डॉक्टर द्वारा बताए गए खास तरह के साबुन का प्रयोग करें।

• शरीर को सुखाएं: नहाने के बाद शरीर को जल्दी से सुखाएं और त्वचा को गीला न रहने दें।

• खुजलाने से बचें: खुजली होने पर उसे खुजलाने से बचें, जिससे त्वचा को और नुकसान न हो।

यदि आपको लंबे समय तक खुजली की समस्या बनी रहती है या किसी भी बात का समाधान नहीं मिल रहा हो, तो आपको तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और उन्हें अपनी समस्या के बारे में बताना चाहिए। डॉक्टर आपको सही उपाय बता सकते हैं। जिससे आपकी समस्या का समाधान हो सकता है। इसलिए अपने स्वास्थ्य की समय-समय पर देखभाल करें और सही उपायों का प्रयोग करके खुजली से बचने का प्रयास करें।

एसपी सिंह चंद्रमा

एसपी सिंह चंद्रमा

अधिकतर मेरे लेख अपने आरोग्य को सुधारने, प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद के अद्भुत फायदों पर आधारित होते हैं। मेरा उद्देश्य सामान्य लोगों को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है और उन्हें शक्तिशाली आयुर्वेदिक उपचार और उपायों से अवगत कराना है। मेरे लेखों में आपको विशेषज्ञ सलाह और नैतिकता के साथ विश्वसनीय जानकारी मिलेगी जो आपके रोगों को दूर करने में मदद करेगी और आपको स्वस्थ और प्रकृति से समृद्ध जीवन जीने में सहायता करेगी। धन्यवाद।

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