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माइग्रेन (migraine) का आयुर्वेदिक उपचार, बचाव और सावधानियां, जानें क्या है माइग्रेन (migraine) की बीमारी?

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माइग्रेन एक प्रकार के सिरदर्द की बीमारी है। यह बीमारी अधिकतर महिलाओं में देखी जाती है। माइग्रेन का दर्द रोगी के सिर में एक तरफ लगातार बना रहता है। यह दर्द कभी- कभी इतना तेज हो जाता है। जिसमें रोगी को नींद न आना (अनिंद्रा insomnia), चक्कर आना, घबराहट और बैचैनी होना आदि समस्या बन जाती है।

माइग्रेन (migraine) की बीमारी का निम्नलिखत आयुर्वेदिक तरीकों से इलाज किया जा सकता है। जो निम्नवत है:

  1. शिरोधरा उपचार पद्धति:
    इस उपचार पद्धति में रोगी की नाक में देशी गाय का घी या शुद्ध सरसों/तिल का तेल किसी बर्तन में करके रोगी के सिर की मालिश करनी चाहिए। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को कम से कम एक सप्ताह तक सिर की मालिश करनी चाहिए। इससे रोगी को दर्द में राहत महसूस होगी और इस उपचार पद्धति से रोगी को सुखद अहसास होता है।
  2. नस्य उपचार पद्धति:
    इस उपचार पद्धति में रोगी की नाक में सरसों या तिल के तेल की एक एक बूंद डालनी चाहिए। इस उपचार पद्धति को अपनाने से रोगी को तत्काल आराम मिलता है।
  3. जलनेती उपचार पद्धति:
    इस उपचार पद्धति में रोगी को गुलाब या नमकीन पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। इस उपचार पद्धति से रोगी की नाक से दूषित रासायनिक पदार्थों को बाहर निकालने मे मदद मिलती है।
  4. पाचनायुर्वेद उपचार पद्धति:
    इस उपचार पद्धति में रोगी को अदरक, धनिया, जीरा और सोंठ के सामान्य मात्रा में सेवन करने से माइग्रेन की बीमारी में राहत मिलती है।
  5. योग और प्राणायाम:
    माइग्रेन के रोगी को नियमित योग और प्राणायाम करना चाहिए। ध्यान, श्वसन और अनुलोम-विलोम प्राणायाम माइग्रेन की बीमारी में बेहद राहत प्रदान करते है।
  6. माइग्रेन के दर्द में हरी मेंहदी के पत्तों को पीसकर रोगी के माथे पर लेप करने से राहत महसूस होती है।
  7. माइग्रेन के दर्द में नौसदर का एक चुटकी चूर्ण, अदरक का रस और देशी मधुमक्खी का शहद मिलाकर चाटने से माइग्रेन के दर्द में आराम मिलता है।

माइग्रेन (migraine) की बीमारी का निम्नलिखत तरीकों से बचाव किया जा सकता है। जो निम्नवत है:

  • हमको अपनी बिगड़ी हुई दिनचर्या पर ध्यान देना और दिनचर्या में सुधार करना चाहिए।
  • खान-पान में सुधार करना चाहिए।
  • हेल्दी और पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए।
  • धूम्रपान और शराब का सेवन नही करना चाहिए।
  • चाय और कॉफी का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। यदि संभव हो तो चाय और कॉफी का सेवन बंद कर देना चाहिए।
  • नियमित समय पर खाना खाएं भूखे पेट रहने से बचे।
  • तनाव को कम करने के लिए नियमित योग और मेडिटेशन का अभ्यास करें।
  • अपने चिकित्सक से निरंतर परामर्श अवश्य लें।

माइग्रेन (migraine) की बीमारी के निम्न कारण हो सकते है जो निम्नवत है:

  • अधिक समय तक तनाव और चिंता करना।
  • बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल।
  • चाय और कॉफी का अधिक मात्रा में सेवन करना।
  • शराब का सेवन करना।
  • अधिक घुम्रपान (smoking) कराना।
  • नियमित समय पर भोजन न करना।
  • थकान या नींद पूरी न होना।
  • ब्लेडप्रेसर हाई होना।
  • पेट में अधिक समय तक गैस (Acidity) बनी रहना।
  • हार्मोनल चेंजेज जैसे मासिक धर्म का नियत समय पर न आना।
  • मौसम में (ऋतु परिवर्तन) होने वाले बदलाव के कारण।
माइग्रेन (migraine) की बीमारी के निम्न लक्षण हो सकते है जो निम्नवत है:
  • सिर में एक तरफ दर्द होना।
  • सिर का दर्द एक तरफ से प्रारंभ होकर पूरे शरीर में फेल जाना और तेज दर्द का अहसास करवाना।
  • माइग्रेन का दर्द पूरे दिन या इससे अधिक समय तक बना रहना।
  • यह दर्द इतना तेज होता है, इसमें रोगी को ऐसा लगता है जैसे सिर फट जायेगा।
  • माइग्रेन के दर्द के कारण रोगी को कभी-कभी उल्टियां होना।
  • इस दर्द में रोगी को ध्वनि (आवाज) और रौशनी से परेशानी महसूस होना।

माइग्रेन (Migraine) की बीमारी का दवा/उपचार खुद से प्रारंभ न करें। इस बीमारी के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण डॉक्टर/चिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक है। यदि आपको लगता है कि आपको माइग्रेन (Migraine) की बीमारी हो सकती है, तो आप तुरंत डॉक्टर/चिकित्सक के पास जाकर संबंधित बीमारी की जांच करवाए। उसके बाद चिकित्सक की सलाह के अनुसार माइग्रेन की बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार प्रारंभ करें।

एसपी सिंह चंद्रमा

एसपी सिंह चंद्रमा

अधिकतर मेरे लेख अपने आरोग्य को सुधारने, प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद के अद्भुत फायदों पर आधारित होते हैं। मेरा उद्देश्य सामान्य लोगों को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है और उन्हें शक्तिशाली आयुर्वेदिक उपचार और उपायों से अवगत कराना है। मेरे लेखों में आपको विशेषज्ञ सलाह और नैतिकता के साथ विश्वसनीय जानकारी मिलेगी जो आपके रोगों को दूर करने में मदद करेगी और आपको स्वस्थ और प्रकृति से समृद्ध जीवन जीने में सहायता करेगी। धन्यवाद।

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