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सर्दी- जुकाम (common cold) के कारण और इसका आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से इलाज एव बचाव।

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सर्दी और जुकाम, जिसे अंग्रेजी में “common cold” कहा जाता है, यह एक आम वायुसंक्रमण है जो नाक और गले की बंद नसों के कारण होता है। यह वायुसंक्रमण आमतौर पर विषमतः वायुजन्य होता है। यह वायुसंक्रमण धूप में रहने वाले लोगों में अक्सर देखा जाता है। सर्दी और जुकाम शीत ऋतु के दौरान लोगों में ज्यादा होता है। इस बीमारी के दौरान गले में खराश, खांसी, जुकाम, नाक बहना, थकान, सिरदर्द, बुखार, शरीर में दर्द और नींद न आना जैसे लक्षण प्रतीत होते हैं।

जुकाम के लिए आयुर्वेदिक उपचार।

तुलसी (ओसिमुम सैंक्टम): सर्दी-जुकाम से बचाव के उपायतुलसी के पत्ते के रस को नाक में डालने से जुकाम में लाभ मिलता है। तुलसी की चाय या तुलसी की गोली लेने से भी जुकाम में आराम मिलता है।

गिलोय (टिनोसपोरा कोर्डिफोलिया): गिलोय एक शक्तिशाली रसायन है जो वायुसंक्रमण के इलाज में मदद करता है। गिलोय के पत्ते के रस को नाक में डालने से जुकाम में लाभ होता है।

• सौंठ (जिंजिबर आफिसिनाले): सौंठ में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो सर्दी-जुकाम के कारण होने वाली संक्रमण के इलाज में मदद करते हैं। सौंठ को गरम पानी में घी और शहद के साथ मिलाकर पिया जा सकता है।

• हल्दी (करकुमा लोंगा): हल्दी में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो सर्दी-जुकाम के इलाज में मदद करते हैं। हल्दी का गरम दूध पीने से भी लाभ होता है।

सर्दी-जुकाम से बचाव के उपाय।

• स्वच्छता बनाए रखें:हमको हमेशा नियमित रूप से अपने हाथ साबुन से धोने चाहिए। व्यक्तियों से थोड़ी दूरी बनाए रखने से सर्दी-जुकाम के संक्रमण का खतरा कम होता है।

• आराम करें: धूप और ठंडी के समय पर्याप्त रूप से आराम जरूर करें। इससे आपके शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र को मजबूती मिलती है और आप सर्दी-जुकाम के संक्रमण से बच सकते हैं।

• अच्छे आहार का सेवन: पोषक आहार खाने से आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और सर्दी-जुकाम के खिलाफ लड़ने में मदद मिलती है।

• योग और ध्यान:योग और ध्यान करने से आपके शरीर का अंतरिक्षीय शक्ति प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है और आप सर्दी-जुकाम के संक्रमण से बच सकते हैं।

• नींद पूरी करें: पर्याप्त नींद लेना भी सर्दी-जुकाम से बचने के लिए महत्वपूर्ण है। नींद के दौरान आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता सुधारती है और आप सर्दी-जुकाम के संक्रमण से बच सकते हैं।

• हाइजीन का ध्यान रखें:- अपने चेहरे को हाथ से छूने से बचें और हमेशा सैनिटाइजर और मास्क का उपयोग करें।

सुझाव: यह आयुर्वेदिक उपचार आपको रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने में मदद करेगा और सर्दी-जुकाम से बचने में सहायक होगा। हालांकि, ध्यान रहे कि यह आमतौर पर व्याप्त वायुसंक्रमण है और यदि लक्षण बढ़ रहे हैं या सुधार नहीं हो रहा है, तो आप तत्काल अपने चिकित्सक से सलाह लेना बेहद महत्वपूर्ण है।

एसपी सिंह चंद्रमा

एसपी सिंह चंद्रमा

अधिकतर मेरे लेख अपने आरोग्य को सुधारने, प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद के अद्भुत फायदों पर आधारित होते हैं। मेरा उद्देश्य सामान्य लोगों को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है और उन्हें शक्तिशाली आयुर्वेदिक उपचार और उपायों से अवगत कराना है। मेरे लेखों में आपको विशेषज्ञ सलाह और नैतिकता के साथ विश्वसनीय जानकारी मिलेगी जो आपके रोगों को दूर करने में मदद करेगी और आपको स्वस्थ और प्रकृति से समृद्ध जीवन जीने में सहायता करेगी। धन्यवाद।

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